Manav Vikas Suchkank Kya Hai? | HDI Kya Hai | मानव विकास सूचकांक 2025
Manav Vikas Suchkank Kya Hai, HDI Kya Hai?
HDI (Human Development Index) यानि मानव विकास सूचकांक एक ऐसा सूचकांक हैं जिसके आधार पर यह तय किया जाता हैं कि किसी देश का मानव विकास स्तर कैसा हैं और इसी से यह भी तय होता हैं कि वो देश अविकसित हैं, विकासशील हैं अथवा विकसित हैं।
HDI के अंतर्गत एक देश में बुनियादी मानवीय योग्यता की औसत प्राप्ति को मानव विकास निर्देशांक द्वारा मापा जाता हैं।
HDI का आंकलन किस आधार पर किया जाता हैं?
- जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy)
- शिक्षा का स्तर (Education Level)
- प्रति व्यक्ति वास्तविक आय (Real Income Per Capita)
- असमानता का प्रभाव (Effect of Inequality)
- लिंग असमानता (Gender Inequality)
- बहुआयामी गरीबी सूचकांक (Multidimensional Poverty Index)
मानव विकास सूचकांक (Human Development Index HDI) को सर्वप्रथम नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन की सहायता से पाकिस्तान के दिवंगत अर्थशास्त्री महबूब उल हक (Mahubub ul Haq) द्वारा 1990 में प्रकाशित किया गया।
इस पहली मानव विकास रिपोर्ट का मापन तीन सूचकांकों- स्वास्थ्य (जीवन प्रत्याशा), शिक्षा और प्रति व्यक्ति आय के आधार किया गया था।
वर्तमान समय में HDI के अनुसार UNDP (United Nations Development Programme) सम्पूर्ण विश्व को चार स्तरों में विभाजित करता हैं। इसके अंतर्गत जिस देश की जीवन प्रत्याशा, शिक्षा स्तर एवं GDP प्रति व्यक्ति अधिक होती है, उसे उच्च श्रेणी प्राप्त होती हैं। HDI के चार स्तर निम्न प्रकार हैं-
- उच्चतम मानव विकास श्रेणी: इसमें वे देश सम्मिलित किए जाते हैं जिनका HDI मूल्य 0.800 से 1.000 होता हैं।
- उच्च मानव विकास श्रेणी: इसमें वे देश सम्मिलित किए जाते हैं जिनका HDI मूल्य 0.700 से 0.799 होता हैं।
- मध्यम मानव विकास श्रेणी: इसमें वे देश सम्मिलित किए जाते हैं जिनका HDI मूल्य 0.550 से 0.699 के बीच होता हैं।
- निम्न मानव विकास श्रेणी: इनमे वे देश सम्मिलित किए जाते हैं जिनका HDI मान 0.350 से 0.549 तक होता हैं।
UNDP की मानव विकास रिपोर्ट की तर्ज पर ही भारत के राज्य भी अपनी मानव विकास रिपोर्ट प्रकाशित करने की ओर उन्मुख हुए हैं। भारत की पहली मानव विकास रिपोर्ट अप्रैल, 2002 में जारी की गयी थी।
राज्य स्तरीय मानव विकास रिपोर्ट 1995 में, दूसरी 1998 में तथा तीसरी 7 फरवरी, 2003 को जारी की गयी थी। 29 जून, 1999 को कर्नाटक ने भी राज्य की पहली मानव विकास रिपोर्ट जारी की थी।
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मानव विकास सूचकांक 2023 में भारत का स्थान:
UNDP की Official Website द्वारा जारी वर्ष 2023 की Human Development Index (HDI) Ranking में HDI value 0.685 के साथ भारत का स्थान 130 हैं। इससे पहले वर्ष 2022 में यह 133 था।
UNDP की HDI Report 2023 आप यहाँ से देख सकते हैं:- Human Development Index (HDI) Ranking
मानव विकास रिपोर्ट क्यों जारी की जाती हैं एवं इसके क्या फायदे हैं?
प्रति वर्ष UNDP द्वारा मानव विकास रिपोर्ट प्रस्तुत की जाती हैं जिसके आंकड़े (सूचकांक) यह दर्शाते हैं कि किसी देश में लोगों का जीवन स्तर कैसा हैं, वहां की शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा कैसी हैं, लोगों की प्रति व्यक्ति आय (Income) क्या हैं, आर्थिक एवं लैंगिक असमानता का स्तर कैसा हैं।
यानि संक्षेप में कहे तो कोई भी देश कितना गरीब और कितना अमीर हैं इस बात का अंदाजा UNDP द्वारा प्रकाशित की जाने वाली HDI रिपोर्ट द्वारा आसानी से लगाया जा सकता हैं।
यह रिपोर्ट प्रत्येक देश के नीति निर्धारकों, राजनेताओं, सरकारी अर्थशास्त्रियों और नौकरशाहों के लिए एक डायरेक्शन का काम करती हैं और उसी के आधार पर सरकार देश के लिए नीतियां बनाती हैं ताकि आने वाले समय में उन कमियों को दूर करके देश को तरक्की की राह पर आगे बढ़ाया जा सकें।
FAQ (मानव विकास सूचकांक):
मानव विकास सूचकांक का क्या अर्थ है?
मानव विकास सूचकांक के जनक कौन है?
मानव विकास सूचकांक कितने हैं?\
मानव विकास सूचकांक 2023 में भारत का स्थान क्या है?
मानव विकास सूचकांक का दूसरा नाम क्या है?
भारत में एचडीआई का जनक कौन है?
मानव विकास का उद्देश्य क्या है?
मानव विकास सूचकांक की क्या उपयोगिता है?
मानव विकास सूचकांक कब लागू हुआ?
मानव विकास के तीन आधार क्या है?
एचडीआई का फुल फॉर्म क्या होता है?
मानव विकास के चार प्रमुख घटक क्या हैं?
सबसे खराब एचडीआई किस देश में है?
मानव विकास सूचकांक में कुल कितने देश हैं?
एचडीआई रिपोर्ट कौन जारी करता है?
Conclusion:
तो आज इस लेख में आपने जाना कि Manav Vikas Suchkank Kya Hai? और मानव विकास रिपोर्ट क्यों पेश की जाती हैं एवं इसके फायदे क्या हैं।
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स्रोत: UNDP Human Development Report, NCERT Economics,
Planning Commission Reports एवं अन्य मानक आर्थिक स्रोत।
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