कोयला क्या है? कोयले के प्रकार और प्रमुख उत्पादक क्षेत्र | Koyla in Hindi
कोयला क्या है? कोयला कितने प्रकार का होता हैं? एवं कोयला के उत्पादक क्षेत्र कौन कौनसे हैं? आज इस लेख में आप कोयले के बारे में जानेंगे। तो आईये इसके बारे में विस्तार से जानते हैं:
परिचय – कोयला क्या हैं?
कोयला एक ठोस जीवाश्म ईंधन (fossil fuel) है, जो लाखों वर्ष पहले बर्फीले पाषाण युग की वनस्पति-जैविक अवशेषों के दाब, ताप और पृथ्वी के भीतर जमाव के कारण बनता है।
मुख्य रूप से यह कार्बन से मिलकर होता है, साथ ही इसमें हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, सल्फर और ऑक्सीजन भी पाए जाते हैं। इसके निर्माण में समय की अवधि, दबाव तथा तापमान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
कोयला की ऊर्जा क्षमता उसकी कार्बन सामग्री पर निर्भर करती है — जितनी अधिक कार्बन मात्रा, उतनी अधिक ऊर्जा (heat / calorific value)।
कोयला क्यों महत्वपूर्ण है?
कोयला (Coal) एक प्राकृतिक, ठोस, कार्बनिक (organic) ईंधन है जो मुख्य रूप से भू-पर्पटी चट्टानों में मिलता है। यह मानव इतिहास में ऊर्जा उत्पादन और औद्योगिक उन्नति का एक महत्वपूर्ण स्रोत रहा है, विशेषकर 18वीं और 19वीं शताब्दी की औद्योगिक क्रांति के दौरान।
कोयला आज भी दुनिया भर में बिजली उत्पादन, औद्योगिक ऊष्मा, इस्पात निर्माण तथा विभिन्न रासायनिक उद्योगों में एक मुख्य ऊर्जा स्रोत है।
इसे उद्योगों की जननी भी कहा जाता हैं। वर्तमान की लगभग 35 से 40% ऊर्जा की जरूरत का भाग कोयले से प्राप्त होता हैं।
भारत जैसे देशों में कोयला ऊर्जा की मांग और उत्पादन दोनों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है, जिससे यह राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा का एक अहम हिस्सा बना हुआ है।
कोयले के प्रकार-
कोयले को मुख्य रूप से कार्बन सामग्री की मात्रा पर आधार बनाकर चार मुख्य श्रेणियों में बाँटा जाता है:
1. एन्थ्रेसाइट कोयला:
यह सर्वोत्तम किस्म का कोयला है, जिसमें कार्बन की मात्रा 94 से 98 प्रतिशत तक होती है। यह कोयला कठोर, मजबूत एवं चमकदार काले रंग का होता हैं।
इसकी ऊर्जा क्षमता उच्चतम होती है तथा ये धीमी गति से जलता है। इसका उपयोग मुख्यतः विशिष्ट औद्योगिक उपयोग, इस्पात और धातु उद्योग में किया जाता है।
विश्व में उत्पादित होने वाले कोयले का मात्र 5 प्रतिशत ही एन्थ्रेसाइट होता है। भारत में सीमित मात्रा में उपलब्ध होता है।
2. बिटुमिनस कोयला:
इसमें कार्बन की मात्रा 77 से 86 प्रतिशत तक होती है। एक एक ठोस अवसादी चट्टान का रूप हैं जो काला या गहरे भूरे रंग का होता हैं।
यह मध्यम-उच्च ग्रेड का कोयला है जो मुख्य रूप से काले रंग का होता है। इसका उपयोग बिजली उत्पादन, औद्योगिक हीटिंग, सिमेंट उद्योग में किया जाता है।

विश्व में उत्पादित कुल कोयले का 80 प्रतिशत से भी अधिक इसी प्रकार का होता हैं। यह दुनिया में सबसे अधिक उपयोग होने वाला कोयला है।
भारत के कोयला झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ आदि प्रमुख क्षेत्रों में पाया जाता है।
3. लिग्नाइट कोयला:
इसका रंग भूरा होता हैं तथा कार्बन की मात्रा 45 से 70 प्रतिशत होता हैं। भूरा रंग का, उच्च नमी वाला कोयला है। यह जलते समय धुंआ बहुत ज्यादा पैदा करता हैं। इसलिए यह पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के लिए घातक हैं।

लिग्नाइट कोयले की ऊर्जा क्षमता कम होती है। लिग्नाइट का सबसे ज्यादा उपयोग बिजली उत्पादन में किया जाता है।
भारत में लिग्नाइट राजस्थान, तमिलनाडु, असम आदि में मिलता है।
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4. पीट कोयला:
यह कोयला बनने की प्रारंभिक अवस्था है, जिसमें कार्बन की मात्रा सबसे कम होती है।
यह सबसे निम्न कोटि का कोयला होता हैं, जिसमें कार्बन की मात्रा काफी कम (27 प्रतिशत) तथा आर्द्रता की मात्रा अधिक होती हैं। और ऊर्जा उत्पादन क्षमता भी न्यूनतम है। इसमें धुएं की मात्रा सबसे अधिक होती हैं।
वजह क्या है?
पीट कोयला:
- सबसे निम्न कोटि का कोयला होता है
- इसमें नमी (Moisture) बहुत अधिक होती है
- कार्बन की मात्रा कम होती है
- अधजले कार्बनिक पदार्थ ज्यादा होते हैं
इसी कारण जब पीट कोयला जलता है तो:
- अधूरा दहन होता है
- ज्यादा धुआँ, बदबू और गैसें निकलती हैं
धुएँ के आधार पर कोयले की तुलना
| कोयले का प्रकार | धुएँ की मात्रा |
|---|---|
| एन्थ्रेसाइट | सबसे कम |
| बिटुमिनस | मध्यम |
| लिग्नाइट | ज्यादा |
| पीट | सबसे ज्यादा |
कोयला के प्रमुख उत्पादक क्षेत्र –
चीन- यहां कोयला का भंडार मुख्यतः उत्तरी भाग में पाया जाता है। शांसी, शेन्सी, कान्सु आदि महत्वपूर्ण खनन केंद्र हैं।
अमेरिका – इस देश के पेंसिल्वेनिया क्षेत्र में विश्व का सबसे बड़ा एन्थ्रेसाइट कोयले का भण्डार संचित है।अप्लेशियन क्षेत्र इस देश का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक क्षेत्र है, जहां मुख्यतः बिटुमिनस कोयला पाया जाता है।
स्वतंत्र राष्ट्रकुल – यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में ऐंथ्रासाइट कोयला पाया जाता हैं। रूस के कुजबास या कुज्नेतस्क क्षेत्र में उच्च कोटि का बिटुमिनस कोयला पाया जाता हैं।
कजाकिस्तान का कारगंडा अन्य प्रमुख उत्पादक क्षेत्र हैं। ब्रिटेन – नादंबरलैंड – डरहस, यार्कशायर – डर्बीशायर – नाटिंघम, मिडलैंड, लंकाशायर, वेल्स आदि।
रूर घाटी क्षेत्र जर्मनी का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक क्षेत्र है। सैक्सोनी क्षेत्र लिग्नाइट के उत्पादन के लिए विश्व प्रसिद्ध है। फ्रांस – सार क्षेत्र। पोलैंड – साइलेशिया क्षेत्र। ऑस्ट्रेलिया – हंटर घाटी, न्यू साउथ वेल्स प्रान्त।
भारत में कोयले का उत्पादन झारखंड, पश्चिमी बंगाल, मध्यप्रदेश, उड़ीसा एवं आंध्रप्रदेश में किया जाता हैं।
At Last:
इस पोस्ट में आपने जाना कि कोयला क्या है?, कोयले के प्रकार, कोयला के उत्पादक क्षेत्र कौनसे हैं। यदि यह जानकारी आपको अच्छी लगी तो इसे शेयर जरूर करें।
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